प्रश्नोत्तर P8-0079 · भाग 8
दर्शन, दृश्य और दृष्टा में, जब तक दर्शन की इच्छा है तब तक क्या आत्मबोध हो सकता है?
दर्शन की जब तक इच्छा है, दृष्टा कहीं लगा हुआ है, तब तक आत्म का बोध नहीं होगा। दर्शन के भाव से भी मुक्त होना है।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 26 अप्रैल 2026 #योगी · 2026-04-26