आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P8-0139 · भाग 8

मैं पैसों का योगदान नहीं कर सकती। क्या मैं आपका चैनल बनाकर आपके ज्ञान को लोगों तक पहुंचाकर अपने गुरु का साथ दे सकती हूं? क्या यह मेरा सत्कर्म होगा?

अगर आप बढ़ा सकते हो तो बढ़ाओ। लेकिन धन का भी जितना आपसे हो सकता है, करना ही चाहिए। एक रुपए से लेकर। अब तुम मोबाइल पर लाइव देख रही हो, इसका मतलब रिचार्ज भी कराती होगी। तो ऐसा नहीं कि लाखों-करोड़ों हमको करना है। हमें जिस लायक मैं हूं, मुझे सहयोग करना ही चाहिए, चाहे वह एक रुपए का क्यों न हो। क्योंकि मैं उसके काम का उपयोग कर रही हूं, तो मुझे भी सहयोग करना ही चाहिए। अगर मैं किसी के काम का उपयोग कर रहा हूं, तो मैं कुछ तो लायक हूं, उपयोग कर रहा हूं। इसका मतलब मेरे अंदर कोई क्षमता है। नहीं तो मैं उपयोग भी नहीं कर सकता। जैसे मंद बुद्धि है, तो मंद बुद्धि थोड़ी उपयोग कर पाएगा ज्ञान का। वह तो बस जितने में उसका जीवन चल जाए, जितने में शरीर की जरूरत, उसी में रहता है। अगर आप किसी के काम को उपयोग करके अपनी समझ को विकसित कर रहे हो, आपको लाभ हो रहा है, तो हमारी योग्यता के अनुसार, उसके काम के अनुसार, उसे जरूर सहयोग करना चाहिए।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 26 अप्रैल 2026 #योगी · 2026-04-26