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प्रश्नोत्तर P8-0150 · भाग 8

बुद्धि और चेतन मन में क्या फर्क है? विज्ञान बुद्धि को चेतन मन का हिस्सा मानता है। दोनों का क्या उपयोग है? मुझे लगता है बुद्धि और चेतन मन एक ही हैं।

नहीं, अलग-अलग हैं। जैसे हाथ है। अब किसी ने कहा, यह हाथ है। तो कहा जाएगा, यह हाथ है। हां, हाथ है। लेकिन अब पूछा जाएगा, यह क्या है? तो तुरंत बोला जाएगा, उंगली है। लेकिन इसको पहले पूरा हाथ ही बोल रहे थे। अब इसको उंगली बोल रहे हो। जैसे इसको बोला जाए, यह क्या है? तो यह शरीर है। यह क्या है? पैर है। यह क्या है? हाथ है। यह क्या है? उंगली है। यह क्या है? बाल है। लेकिन पहले एक शरीर था। तो वैसे ही, जब आप गहराई में जाओगे तो सब अलग-अलग हो जाएंगे। और देखोगे, सब एक ही हैं, और एक-दूसरे का हिस्सा हैं। शरीर का हिस्सा हाथ है। हाथ का हिस्सा उंगली है। लेकिन अब उंगली को गले का हिस्सा नहीं बोल सकते। शरीर का हिस्सा बोल सकते हो। लेकिन कहा जाए कि क्या पैर का हिस्सा यह उंगली है, हाथ की उंगली? नहीं। क्या पैर का हिस्सा यह कान है? नहीं। लेकिन शरीर का हिस्सा है। शरीर का हिस्सा है, लेकिन पैर का हिस्सा कान नहीं है। है न? लेकिन है सब एक ही में। तो मन शरीर के लिए काम करता है। बुद्धि शरीर में है, और बुद्धि के द्वारा हम अच्छे-बुरे को अर्जित करते हैं। लेकिन मन उसमें निमित्त बनता है। बुद्धि हटा दी जाए तो भी ग्रहण नहीं कर पाएंगे। मन हटा दो तो भी नहीं कर पाएंगे। तो एक सिक्के के दो पहलू हैं। इसे समझने का प्रयास करिए।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 26 अप्रैल 2026 #योगी · 2026-04-26