प्रश्नोत्तर P9-0117 · भाग 9
वाक् सिद्धि होने पर पूरे जगत में सुख-शांति बनी रहे, ऐसा कोई कह दे, तो जानना चाहिए क्या? फिर कर्म?
सुख-शांति तो कर्मों से बनती है न। किसी के कहने से थोड़ी न। और सामने वाले की कितनी क्षमता है। सामने वाले की क्षमता के अनुसार। जैसे जो जिस पोस्ट पर है, उतनी ही पावर है न। एक हवलदार की अलग पावर है। एक दरोगा की अलग पावर है। एक ही डिपार्टमेंट में। डिपार्टमेंट तो एक, वह एक ही है न। लेकिन आईएएस, पीसीएस, उसका, प्रधानमंत्री, सबका अलग-अलग पावर है। वैसे अलग-अलग साधनाओं की अलग-अलग पावर होती है। अब वह किस लेवल पर गया है। जितने जन प्रणाम किए हैं, सब। उनके आशीर्वाद दे दे। सबके आशीर्वाद। अब का, सबका पढ़।
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वीडियो: लाइव के प्रश्न और उत्तर अपना स्वयं का कल्याण कैसे करें ? #योगी · 2026-06-06