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प्रश्नोत्तर P10-0181 · भाग 10

योगी जी, आपका ज्ञान समझती हूं और उस पर चलने की कोशिश भी करती हूं, पर जो संकल्प करती हूं उस पर टिके रहना मुश्किल होता है। कभी-कभी परिस्थिति ऐसी बनती है कि गृहस्थी के हिसाब से रहना पड़ता है। ऐसे में क्या करें?

किसी भी हिसाब से रहिए। संकल्प करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि संकल्प आप करते हो तो विकल्प आ जाता है। तो आप सीधा ईमानदारी, सत्कर्म अपना लीजिए, सत्संग सुनिए। बस, बात खत्म; इसमें संकल्प की कोई आवश्यकता ही नहीं है।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 8 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-08