प्रश्नोत्तर P13-0090 · भाग 13
देवत्व भाव भी छोड़ना है और राक्षस भाव भी — दोनों छोड़ने के बाद कौन सी स्थिति होगी?
देव प्रवृत्ति भी छोड़ना है, राक्षस प्रवृत्ति भी छोड़ना है — अपनी मूल प्रवृत्ति में आना है। सात्विक प्रवृत्ति अपना कर आ सकते हो। वो कौन सी स्थिति होगी? भगवान की स्थिति। बात समझ रहे हो — वो भगवान की स्थिति है।
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वीडियो: उम्मीद छोड़ दो ! समझ के अपने आप को निकालो --आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान योगी #yogiji ka satsang - · 2025-07-08