प्रश्नोत्तर P13-0091 · भाग 13
घटना घटने के बाद पता लगता है गलत हो गया — एक बार, दो बार, तीन बार हो जाए तो क्या? गलती की माफी की गुंजाइश है?
हो गया तो हो गया, लेकिन अब आगे से नहीं करना है। एक बार हो गया, दो बार, तीसरे बार अगर हो गया और चौथे बार — तो आप एक लापरवाह इंसान हो। तीन तक डाक सकते हो; तीसरा डाक लिए तो समझ लो लापरवाह। अगर समझ के किया है तब तो ये गलती भी नहीं — ये तो अपराध है। सेकंड टाइम होना तो पहली बार में पता लग जाता है कहीं न कहीं गलती हुई; फिर दोबारा हुआ तो अपराध। अपराध भी एक्सेप्ट करना पड़ता है। जैसा कर्म करेंगे वैसा।
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वीडियो: उम्मीद छोड़ दो ! समझ के अपने आप को निकालो --आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान योगी #yogiji ka satsang - · 2025-07-08