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प्रश्नोत्तर P14-0088 · भाग 14

गुरु जी, ध्यान कौन करता है — मन, शरीर या जीव?

'चाहिए' में ध्यान घटित हो रहा है। प्यास लगी, पानी में गया; भूख लगी, भोजन में गया; कुछ सुनने की इच्छा हुई तो शब्दों में गया; छूने की इच्छा हुई तो स्पर्श में; शब्द, दृश्य, गंध, रस, स्पर्श — इसी में ध्यान भटक रहा है। अपने तरीके से चाहिए, तो क्षण-क्षण ध्यान घटित हो रहा है। ध्यान को समझना है — करने में अहम भाव है, समझने में समर्पण है। ध्यान को समझिए और समझ के बहिर्मुखी से, जहां राग-द्वेष पैदा हो रहा है, वहां से अपने आप को छुड़ा लीजिए।

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वीडियो: ईश्वर सर्वव्यापी है इसका क्या मतलब है / #ईश्वर #सर्वव्यापी · 2024-04-10