आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P14-0089 · भाग 14

गुरु जी, वेद, उपनिषद, गीता आदि के नाम पर जो लोगों से पैसा उगाह रहे हैं, उनको कैसे रोकें?

उगाह रहे हैं तो देने वाले भी लोग हैं। जब तक संसार में किसी को फ्री में चाहिए, तब तक लोग भटकते रहेंगे — एक लूटेगा और एक लूटा जाएगा; सब एक-दूसरे को लूटने के चक्कर में हैं। अध्यात्म में भाव काम करता है, यहां पैसे-रुपए, वैभव, बैकग्राउंड काम नहीं करते; वो भौतिक जगत में संसाधनों के लिए काम करते हैं। अगर किसी को लग रहा है कि पैसा देके वेद-वेदांत समझ सकता है, तो वह बहुत बड़े भ्रम में फंस गया है। आप अपना आत्मिक कल्याण कैसे करें, उसके लिए काम करें तो ज्यादा अच्छा होगा।

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