आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P16-0020 · भाग 16

गुरुदेव, तो फिर विश्वास दो में किया जाता है, एक में नहीं?

विश्वास तो यहां है ही नहीं — आप ही हो; विश्वास करना ना करना तो दो की बात है। विश्वास ही है जो दुनिया में सबसे ज्यादा मारा गया। दो आदमी दुकान पे गए, एक गरीब, एक अमीर; दुकानदार बोला कल लाऊंगा। दूसरे दिन बोला नहीं लाए। पैसे वाला बोला मैं किसी और से ले लूंगा; गरीब बोला भाई कल लेते आना। फिर दूसरे दिन भी नहीं लाया, तो भी कहेगा अच्छा लेते आना — क्या आप उसे विश्वास समझते हो? उसकी मजबूरी है, वह कमजोर है, अंधविश्वासी बन गया अपनी कमजोरी की वजह से। विश्वास कभी नहीं टूटता; जब भी टूटता है तो अंधविश्वास टूटता है, और अंधविश्वास आप तब करते हो जब आप कमजोर होते हो। विश्वास तो एक सीख देता है। अपनी कमजोरी को विश्वास का नाम मत दो। इसीलिए प्रत्यक्ष ज्ञान में यह बोला ही नहीं जाता कि विश्वास करो — मैं तो बोलता हूं मुझ पर एकदम विश्वास ना करना, बस ज्ञान लो और आगे बढ़ो। जब डायरेक्ट सब हो रहा है तो प्रत्यक्ष में विश्वास-श्रद्धा की जरूरत क्या है? विश्वास तब बोलता जब कल देता; इसीलिए मैं हर प्रश्न का उत्तर वर्तमान में खत्म कर देता हूं।

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वीडियो: कोई प्रश्न ना होने के बाद कौन सा प्रश्न होना चाहिए ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-16