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प्रश्नोत्तर P17-0042 · भाग 17

गुरु जी, बुद्धि का काम क्या है? निर्णय कौन लेता है — बुद्धि या जीव?

बुद्धि में निर्णय लेने की क्षमता है कि क्या अच्छा है, क्या बुरा — ये बुद्धि का काम है; लेकिन सब निर्णय आप लेते हो। "आप" मतलब — इच्छा-अपेक्षा में हो तो जीव, इच्छा-अपेक्षा से मुक्त हो गए तो आत्मा। जब तक मुक्त नहीं हुए, निर्णय लेता तो जीव है, लेकिन कामनाएं करवाती हैं। बुद्धि शरीर का एक अंग है, जैसे कान, आंख, नाक — सब अपना-अपना काम करते हैं; सबके पीछे आप हो, कंट्रोलिंग पावर जीव है। जैसे गाड़ी — सारा कंट्रोल ड्राइवर करता है; ब्रेक गाड़ी रोकने के लिए, एक्सीलेटर आगे बढ़ाने के लिए, गियर स्पीड के लिए — सबका अलग-अलग काम है; ब्रेक कभी नहीं कहेगा "मुझे मारो, आगे खतरा है" — मारो चाहे ना मारो, आपकी मर्जी। एक्सीडेंट हुआ तो ब्रेक नहीं, ड्राइवर पकड़ा जाएगा। बुद्धि बस बताती है, निमित्त है; जीव को अच्छा चाहिए तो अच्छा ले लेगा, बुरा चाहिए तो बुरा। और अगर जानकारी नहीं है तो बुद्धि बता भी नहीं पाएगी — लोहे की रॉड लाल करके उस पर पॉलिश मार दी जाए और जानकारी नहीं है, तो आप हाथ में ले लोगे, जलने के बाद पता चलेगा। जैसे बालक किसी भी जंतु को पकड़कर मुंह में डालने लगता है — उतना विवेक, उतनी समझने की क्षमता उसमें अभी नहीं। सबका बुद्धि का स्तर अलग-अलग है, सबको समझने की क्षमता अलग-अलग दी गई है; जैसी गाड़ी मिली, वैसा चलाए।

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वीडियो: आत्मज्ञानी और ब्रह्मज्ञानी में क्या भेद है | मन क्या है / #आत्मज्ञानी #ब्रह्मज्ञानी #aadhyatmik · 2024-09-04