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प्रश्नोत्तर P17-0066 · भाग 17

गुरु जी, सबको अलग-अलग धन, शरीर, रूप और बुद्धि का स्तर क्यों मिला है?

आपके कर्म के हिसाब से सबको धन, शरीर, रूप-रंग, टैलेंट और बुद्धि का स्तर मिला है — इसीलिए सबका बुद्धि का स्तर अलग-अलग है। दुष्कर्म करोगे तो स्तर गिरेगा, सत्कर्म करोगे तो ऊपर उठेगा — सीधा-सादा सिद्धांत, सीधा-सादा लॉजिक है। लेकिन समझने के बाद भी हम वही कर रहे हैं जो नहीं करना चाहिए, और कहते हैं कुछ हो नहीं रहा। जिसके लिए किया उसमें बढ़ोतरी हुई — परिवार बढ़ा, घर, वैभव, प्रॉपर्टी सब बढ़ा दी, लेकिन आप घट गए, नीचे आ गए, क्योंकि समय उसमें दिया; अपने लिए समय कहां निकाला? शब्दों का ज्ञान ले लिया, उसमें जी नहीं रहे — जब तक सवाल हल ही नहीं करोगे, आगे कैसे बढ़ोगे?

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वीडियो: अद्भुत सत्संग ईश्वरी कृपा एकाकार / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-21