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प्रश्नोत्तर P17-0119 · भाग 17

गुरु जी, कहते हैं आमदनी का 10% दान दो तो हजार गुना लौटकर आएगा — इस 10% के चक्कर में पैसा बेकार कामों में चला जाता है। सही दान कैसे करें?

लौटकर आएगा या नहीं, पता नहीं; पर हजार के चक्कर में लोग दे देते हैं और वह सही जगह खर्च नहीं होता। जरूरतमंद को देने को कहा गया है — दो तरह की जमीन होती है, बंजर और उपजाऊ; बंजर में बीज बोओगे तो नहीं उगेगा। गृहस्थ हो तो वहां दान करो जहां उसका सदुपयोग हो — भूखे को भोजन, प्यासे को पानी, कपड़ा, मकान, दवा। देने के बाद देखो भी कि उपयोग क्या हो रहा है, जैसे फसल बोकर बार-बार देखने जाते हो; सदुपयोग हो रहा है तो दो, नहीं तो मत दो। कोई छुरा मांगे तो पूछो — रसोई के लिए, डॉक्टर बचाने के लिए, या क्रिमिनल मारने के लिए? बिना आवरण देखे जरूरतमंद को दो, और सत्कर्म के लिए खोजना पड़ेगा कि भूखा कौन है। हम तो वहां दान देते हैं जहां मेरा मान बढ़े, नाम चिल्ला-चिल्लाकर — जबकि कहा गया "दाहिना दे तो बायां ना जाने"। घर के बगल में कोई भूखा है, ठंड में कांप रहा है, और आप 100 किलोमीटर जाकर फोटो खिंचाने के लिए स्वेटर बांट रहे हो — यह दान नहीं हुआ। विपत्ति में बगल वाला आएगा, 100 किलोमीटर वाला नहीं; पहले मानवता जगाओ, अपने आसपास से शुरुआत करो।

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वीडियो: अद्भुत सत्संग ईश्वरी कृपा एकाकार / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-21