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प्रश्नोत्तर P17-0194 · भाग 17

गुरु जी, लोग ऐसे ही कोई भी वादा, कसम कर लेते हैं — "तेरे लिए चांद-तारे तोड़ लाऊंगा" — क्या बोलने वाला उसमें फंस जाता है?

हां, कोई बात ऐसे ही नहीं जाती — आज नहीं तो कल, कभी न कभी वह करनी पड़ेगी, या करते-करते थक जाओगे। चांद-तारे तो टूटेंगे नहीं, पर उसकी भरपाई करनी पड़ेगी — वो नहीं टूटेंगे, तुम टूट जाओगे। इसलिए ऐसा फेक वादा मत करो जो हो ही नहीं सकता; सबसे ज्यादा बेईमानी बोलने में ही होती है। अगर किसी ने सामने वाले की भावनाओं से खेला, उसका उपयोग करने के लिए झूठा आश्वासन दिया और उसने भरोसा कर लिया, तो उसे भोगना पड़ेगा — जैसे जहर का इंजेक्शन किसी ऐसे को दे दिया जिसे जहर ने काटा ही नहीं, तो पकड़े आप ही जाओगे।

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