आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P18-0013 · भाग 18

गुरु जी, जैसे मुंबई जाते हुए रास्ते में माइलस्टोन आते हैं, वैसे साधन पथ में जो माइलस्टोन (अनुभव) आते हैं, वे क्या हैं और उनसे क्या होता है?

जब आप इस यात्रा में चलते हो, प्रकृति आपको देने लगती है — वह भी जिसके योग्य आप हो ही नहीं। अगर अस्वीकार करते हुए, छोड़ते हुए आगे बढ़े तो ठीक। जब व्यक्ति वाक सिद्धि पर पहुंचता है तो ज्यादातर लोग वहीं फंस जाते हैं — कामना से मुक्त होने निकले थे और फिर कामना में गिर जाते हैं। जिसे सच में कुछ नहीं चाहिए, वह वाक सिद्धि के ऊपर आज्ञा चक्र तक पहुंचता है, और आज्ञा चक्र खुल गया तो वह फिर गिर नहीं सकता। बस अपने आप को कामनाओं से बचाना है — प्रकृति वो देगी जिसकी योग्यता आपमें नहीं थी; अब देखना है कि आप वो लेते हो या "वो" (परमात्मा) को।

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वीडियो: योगीजी की आत्मकथा अज्ञान से ज्ञान तक खोज में कुछ अनुभव की बातें ! #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2024-08-25