प्रश्नोत्तर P18-0018 · भाग 18
गुरु जी, क्या आप रामकृष्ण परमहंस (जैसी स्थिति में) हैं?
हम लोग शरीर में फंस गए हैं। रामकृष्ण परमहंस को हम एक शरीर में देखते हैं — वह शरीर का नाम है, लेकिन उस शरीर के पीछे कोई है। उस स्थिति में कोई पहुंच गया तो बस उसके जैसा हो गया, और वह बेनाम हो गया। नाम लेते ही एक चेहरा सामने आ जाता है, पर उसके पीछे वे बेनाम थे। ऐसा है तो पता चल जाता है कि ऐसा है या नहीं — क्योंकि "है" और "नहीं है" से परे भी कुछ है, जो था, है और रहेगा; तब पता चल जाता है कि वही है।
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वीडियो: योगीजी की आत्मकथा अज्ञान से ज्ञान तक खोज में कुछ अनुभव की बातें ! #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2024-08-25