आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P18-0025 · भाग 18

गुरु जी, भक्ति, ध्यान, योग और ज्ञान — इनमें से किस मार्ग से जाएं?

किसी भी मार्ग से जाओ, कभी न कभी आपको ईमानदारी पर आकर खड़ा होना पड़ेगा — ईमानदारी करते ही आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत होती है। चाहे कितनी भी साधना कर लो, अगर ईमानदारी नहीं अपनाई, बेईमानी का त्याग नहीं किया, तो बस साधना कर रहे हो, होगा कुछ नहीं। भक्ति मार्ग में भी समझ से ही जाओगे, ध्यान और योग में भी समझ चाहिए, और आखिर में चाहिए ज्ञान — इसलिए ज्ञान मार्ग को श्रेष्ठ कहा गया है। पर ज्ञान मार्ग की शुरुआत सबसे कठिन है, क्योंकि बाकी मार्गों में कोई सहारा (क्रियाएं, आधार) होता है जो धीरे-धीरे छूटता है; ज्ञान मार्ग में आप ही होते हो, सहारा शुरुआत में ही छोड़ना पड़ता है, और शुरुआत ही ईमानदारी से है। चाहे किसी भी मार्ग से चले जाओ, आना यहीं है — और यह सबसे सीधा है।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: योगीजी की आत्मकथा अज्ञान से ज्ञान तक खोज में कुछ अनुभव की बातें ! #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2024-08-25