आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P18-0191 · भाग 18

गुरु जी, अध्यात्म में आगे बढ़ने की शुरुआत कहां से होती है? बरसों से अध्यात्म में लगे लोग पहले से ज्यादा अशांत क्यों हो जाते हैं?

अध्यात्म में आना है, आगे बढ़ना है, तो इसकी शुरुआत में ही चाबी है — ईमानदारी; उसी से ताला खुलेगा। अगर यह नहीं अपनाई तो जीवन भर बस शब्दों का ज्ञान रह जाएगा, एक कदम भी नहीं बढ़ोगे, गेट ही नहीं खुलेगा। बेईमानी से बंद हुआ, ईमानदारी से खुलेगा; जैसे ही ईमानदारी करने लगे, गेट खुल गया — अब अपनी सफाई करो। नहीं तो अध्यात्म के नाम पर शब्द जोड़ते रहोगे और जीवन और अशांत हो जाएगा। आज कई सालों से अध्यात्म में जाने वाले सोचते हैं पहले जीवन अच्छा था, अब और अशांत हो गए — क्योंकि उन्होंने ईमानदारी नहीं अपनाई, और उनके गुरु ने भी नहीं बताया; कहा "धीरे-धीरे छूट जाएगा, तू बस माल लाता रह"।

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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29