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प्रश्नोत्तर P18-0192 · भाग 18

गुरु जी, लोग कहते हैं सब परमात्मा कर देंगे, कृपा कर देंगे — तो फिर हम अज्ञानी क्यों हैं? क्या परमात्मा किसी एक पर ही कृपा करता है?

परमात्मा अगर कर देता तो हम अज्ञानी क्यों होते? एक पहुंच रहा है, अनेक नहीं पहुंच रहे — तो क्या परमात्मा एक पर कृपा करेगा? फिर वह परमात्मा कैसा? परमात्मा वही है जो कुछ नहीं करता, लेनदेन से परे है; कर्ता में तो हम आ गए हैं। जिस पर कृपा हुई, उसने कुछ ऐसा किया कि कृपा हुई, तो मुझे भी वैसा ही करना पड़ेगा — मुझे तेरी नहीं, परमात्मा की कृपा चाहिए; कैसे हुई वह बताओ। आज गुरु-भक्त दोनों एक-दूसरे पर "कृपा" कर रहे हैं: भक्त ने व्यवस्था दे दी तो वह गुरु के लिए भगवान, गुरु ने "भगवान तुझमें है" बता दिया तो वह भक्त के लिए भगवान — दोनों को माल चाहिए, और तीसरे यानी असली भगवान का जीवन में कोई अता-पता नहीं।

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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29