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प्रश्नोत्तर P19-0006 · भाग 19

गुरु जी, रात 12 से 2-3 बजे के बीच बीमारी ज्यादा क्यों बढ़ जाती है और सुबह होते ही तबीयत सुधरने लगती है?

यथा पिंडे तथा ब्रह्मांडे — पिंड ब्रह्मांड से जुड़ा है; ब्रह्मांड में बदलाव होता है तो पिंड में भी होता है। आपने नोट किया है, गर्मी में भोजन करते हो तो पसीना छूटता है, क्योंकि जठराग्नि भोजन पकाने के लिए बाहर से गर्मी खींचती है; ठंड में भोजन के बाद और ठंड लगती है, क्योंकि उसे बाहर से ठंड मिलती है। वैसे ही प्रकृति में जो होता है, मेरे साथ भी होता है। (बीमार हो तो रात 12-1 बजे भी अस्पताल ले जाते ही हो — समय देखकर नहीं रुकते।)

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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29