प्रश्नोत्तर P19-0084 · भाग 19
गुरु जी, भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है?
पहले भगवान को समझ लो, परमात्मा समझ से परे है। भग मतलब योनि — जो अपने आप को जन्म और मरण से मुक्त करा ले, वह भगवान है। संसार में भी हम सामर्थ्यवान को भगवान मानते हैं; जिसने अपने आप को छुड़ा लिया, वह इंसान से भगवान हो गया, और फिर वह परमात्मा की यात्रा करता है। परमात्मा के बारे में आज तक किसी ने सीधा नहीं बोला — लोगों ने अनुमान लगाए कि विराट है, अनंत है, सर्वव्याप्त है, पर वह कैसा है पता नहीं। उस तक पहुंचने का सीधा मार्ग है अपने आप को पवित्र करा लो। और ध्यान रखो, अंतर समझना ही अंतर है — जैसे पानी की एक बूंद और बाकी पानी में बड़े-छोटे के सिवा कोई भेद नहीं। यह अंतर हमने राग-द्वेष, मोह-आसक्ति, इच्छा-अपेक्षा, मेरा के भाव और लालच में आकर पैदा किया है, और इसी अंतर में हम भटक रहे हैं; इसी भेद से अपने आप को मुक्त कराना है।
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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19