प्रश्नोत्तर P20-0126 · भाग 20
सेवा में अहम भाव खड़ा ही न हो, इसके लिए क्या करें?
हमेशा अपनी ही जरूरत बनाकर रखना — "मुझे इस सेवा की जरूरत है, मुझे शरण में रखना; मेरे अंदर कोई कमी है तो निकालने की आपकी जिम्मेदारी है, मैं नहीं जाऊंगी।" शबरी को बहुत भगाया गया कि तुम गुरु से नहीं मिल सकती, पर उसने कहा मैं आश्रम के आसपास ही रहूंगी और गुरु जी जिस रास्ते से जाते हैं, तुम्हारे उठने से पहले झाड़ू लगा दूंगी। कंपनी में गेट के अंदर रहो और काम न मिले तो भी हाजिरी लगती है, सीनियर से पूछा जाएगा; पर गेट के बाहर भाग गए तो पगार नहीं मिलेगी — इसलिए डटे रहना।
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वीडियो: ऐसा क्या करूं, जो तेरी सेवा हो पाए ? #योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-02