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प्रश्नोत्तर P4-0043 · भाग 4

(लाइव) योगी जी प्रणाम। आपने होटल का काम छोड़ने को कहा है; लेकिन जब तक मैं उस मांस-मदिरा के बीच हूं, क्या मैं उसे सेवा मानकर कर सकता हूं, या वह हर हाल में मेरा पतन ही करेगा? क्या कर्म को बदलने से पहले भाव को बदलकर उस नरक में काम करता रहूं? या फिर भागना ही एक रास्ता है?

नहीं। (भाव) कैसे बदलेगा, जब कर्म ही नहीं बदलेगा? (तब) भाव तो एक नकल है, भाव तो झूठा है। भागना कहां है? (उस काम को बदलना है।)

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 1 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-01