प्रश्नोत्तर P4-0092 · भाग 4
(लाइव) योगी जी प्रणाम। बहुत से साधक आध्यात्मिक मार्ग में कल्पनाओं में जीते हैं। क्या वास्तव में हमारा कल्याण केवल दुख के नाश से होगा, ना कि किसी चमत्कार से?
ना दुख, ना सुख — दोनों को छोड़ना पड़ेगा। एक सिक्के के (दो) पहलू हैं। आप दुख-सुख दोनों से जब ऊपर उठोगे, तभी होगा। और दुख-सुख किसमें है? अपने तरीके से मिल गया तो सुख, नहीं मिला तो दुख। तो अपना तरीका छोड़ोगे तो सुख-दुख दोनों छूट जाएंगे। बस।
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वीडियो: 25 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी#योगी · 2026-01-25