प्रश्नोत्तर P9-0092 · भाग 9
हमें ब्रह्म ज्ञान हो गया है, हम कुटिया में आना चाहते हैं। क्या ब्रह्मज्ञानी को कुटिया में जगह है?
भाई, क्या करें। हम तो आत्मज्ञान तक हैं। ब्रह्म ज्ञान की हमारी यात्रा चलती रहे। तू ब्रह्मज्ञानी होए, तो क्या करोगे कुटिया में। उतापात मच ही जाएगा।
सामर्थ्यवान आदमी, मान लीजिए यह टेबल है, इससे ज्यादा सामर्थ्यवान आदमी बैठेगा, तो क्या होगा? टूट जाएगी। यहां तो एक आत्मज्ञानी है, और आत्मज्ञान तक पहुंचने वाले लोग हैं। अब ब्रह्म ज्ञान आ जाएगा, तो सब तहस-नहस हो जाएगा। ज्यादा पावरफुल है न। यह कुटिया तो आत्मज्ञानी ने बनाई है, और जिज्ञासु के लिए। ब्रह्मज्ञानी यहां कहां टिकेगा। ब्रह्मज्ञानी यहां थोड़ी टिकेंगे। यहां तो निर्वाण मेरे द्वारा हुआ है। हम आत्मज्ञानी हैं। तो आप आत्मज्ञान के लिए आए हो। यह ब्रह्मज्ञानी क्या करे यहां।
जैसे रास्ते पर एक मार के लोग चल रहे हैं, और उसमें एकदम हाई आ जाए। उसका शिक्षक है, उससे भी ऊपर का आ जाए, तो परेशानी का कारण बन जाएगा। बच्चों की क्षमता से ऊपर चली जाएगी बात। कोई मान लीजिए प्राइमरी और हाई स्कूल पढ़ा रहा है। अब उसमें पीएचडी का शिक्षक आ जाए। क्या आपको लगता है उन बच्चों का विकास कर पाएगा? नहीं कर पाएगा। विनाश कर देगा। और शिक्षक के प्रति बच्चों की जो आस्था थी, वह भी तोड़ देगा। उसके लिए वही टीचर सहायक है। जब वह कॉलेज वगैरह करके जाएगा, तब पीएचडी का शिक्षक काम आएगा।
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वीडियो: लाइव के प्रश्न और उत्तर अपना स्वयं का कल्याण कैसे करें ? #योगी · 2026-06-06