प्रश्नोत्तर P9-0093 · भाग 9
क्या आपके या किसी और के आश्रम में जाकर लोक कल्याण और समाज कल्याण का काम करना ही सत्कर्म के अधीन हो जाएगा? क्योंकि वहां बेईमानी से जाना और रहना भी पाखंड होगा, और ईमानदारी से भोग ही सत्कर्म है।
ईमानदारी में न हो, भैया, तो नहीं।
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वीडियो: लाइव के प्रश्न और उत्तर अपना स्वयं का कल्याण कैसे करें ? #योगी · 2026-06-06