आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P13-0071 · भाग 13

गुरुदेव, जरूरतमंद किसको समझें?

कोई गिर गया, उसे उठा दो; कोई भूखा है, उसे भोजन करा दो; कोई ठंड में कांप रहा है, तो उसे कपड़े दे दो। जरूरतमंद दिखता है — इतनी समझ तो हममें है। कोई आलसी है, करना नहीं चाहता, मांगकर ही काम चला रहा है — तो एक टाइम अगर आपसे मांगा तो दे दो, दूसरे टाइम का मत देखो, फिक्स उसे मत दो। कभी-कभी व्यक्ति की परिस्थितियां मंगवाती हैं; आप कुछ डिसाइड मत करो, फैसला मत लो। किसी को भोजन दोगे, वो नहीं खाएगा तो किसी और को खिलाएगा, कहीं फेंक भी देगा तो जीव-जंतु खा लेंगे — जिसके लिए बना है, वही उपयोग होगा। हां, जरूरत की चीजें दो; कोई कुछ भी मांग ले, तो मत दो। और जिस लायक आप हो, जरूरतमंद मिल जाए तो बिना बोले सेवा करो — ऐसा नहीं कि आप इंतजार करो कि वो बोले तब करूंगा; तब तो अहम भाव खड़ा कर दिया, उसे नीचा समझा, और मान, इच्छा, अपेक्षा, राग-द्वेष सब घेर लेंगे। महानता तब थी, जब आपने देखा और बिना बोले कर दिया।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: देख ले काम किसके लिए ? #योगी · 2025-12-27