प्रश्नोत्तर P5-0100 · भाग 5
कुटिया के नियम क्या हैं — मोबाइल, भोजन, साधना?
पहला यहां का नियम, मोबाइल बंद। इमरजेंसी के लिए नंबर दे देना घर पर। कोई भी इमरजेंसी में फोन करे। देखिए, सामने नंबर है। मोबाइल आपको बंद करके अपने बैग में ही रखना है। वह भी बंद करके। बैग में होता है, मन कंट्रोल नहीं होता, उसी को तो करना है। जरूरत नहीं है। जरूरत है तो फिर बंधन हो जाएगा। आप रखिए। मैं फोर्स से नहीं लेता। मेरी जरूरत है तो मैं देता हूं। आप नहीं। अभी मेरे पास एक ही कपड़ा है, मैं कुछ रखता भी नहीं। इधर सब अपना-अपना सामान रखते हैं। अगर आगे आने वाले समय में लॉकर वगरह बना तो ऐसी व्यवस्था करवानी पड़ेगी। बात आपकी सही है, लेकिन आपको अभी बैग में रखना है।
इसके बाद, बारह बजे के बाद यहां नाश्ता मिलता है। शाम को भोजन। भोजन में एक बार। नाश्ते में जितना मिले उतना लेना है। भोजन में एक बार लेना है। मांगना नहीं है, और ना छोड़ना है। बस इसी तरीके से जीवन जीना है। सुबह काढ़ा मिल जाएगा। और व्यावहारिक, किसी से बातें नहीं करना है। सत्संग जब भी होगा, तब सुनना है। और फिर आत्मिक चिंतन के लिए कहीं भी आप बैठो। यहां खंभे के उधर जाना नहीं है। यह व्यवस्था निशुल्क है, साधकों के लिए। एक दिन से लेकर आजीवन तक रह सकते हो।
यही साधना है। साधना क्या करना है, पहले यह समझ लो। यही साधना है। स्टार्टिंग पॉइंट है। मेरे को क्या करना है? सत्संग सुनना। कुछ नहीं, बस सत्संग सुनिए। सुनके आत्मचिंतन। क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना है। कुछ नहीं करना। विचार आता है ना, उसका थोड़ा, वह आने दो, आने दो। आपको यहां बस, आप चाहे बैठो, चाहे खड़े रहो, कुछ करना नहीं। यह ध्यान रखना। कुछ ना करने में रहना है। बस बात खत्म। और कोई भी जरूरत हो तो मुझसे बोलना।
मुद्रा में बैठिए, थोड़ा वह आपके ऊपर है। फिर वही करना हो जाएगा। मुद्रा में क्यों बैठोगे? खुल जाओ ना, छोड़ दो। मुद्रा करके तो आ गए ना, थक गए ना। मुद्रा करके कुछ हुआ क्या? अभी मुद्राएं करके, विधियां करके नहीं थके हो? क्या आप विधियां कर-कर के थके हो या नहीं? थके हो तो फिर और एक नई विधि क्यों? अभी तक यही बात है। तो यहां कुछ नहीं करना है। बस सत्संग सुनना है, और यहां के सिस्टम में रहना है। और अगर कोई भी प्रश्न हो, कुछ भी अगर आपको पूछना है, तो मुझसे पूछना। यहां सब साधक हैं। कोई भी आपको जरूरत पड़े, मुझे आप बोलिएगा। और यहां एक दिन से लेकर आजीवन रह सकते हो। नियम, इसी नियम में यहां रहना है। कुछ ना करने में रहना।
यहां जब भोजन बनाया जाता है तो हम अपना भोजन खुद बनाते हैं। आप लोग अपना भोजन मिलकर बनाते हैं। यहां कोई भोजन बनाने वाला अलग से नहीं है। यहां पर भोजन सब मिलके बनाते हैं, अपने लिए, स्वयं के लिए।
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वीडियो: अपनों की कुटिया में रहने के नियम साधक के लिए सबसे जरूरी बात क्या है ? · 2024-12-31