प्रश्नोत्तर P23-0057 · भाग 23
गुरु जी, क्या हमारे जीवन में जो भी घटित होता है वह पहले से निश्चित होता है?
सब फिक्स है। और फिक्स करने वाले आप ही थे — आपके कर्म के द्वारा आप फिक्स करते हो। आपने जैसा कर्म किया वैसा आपके लिए फिक्स हो गया; लेकिन अब आपको पसंद नहीं आ रहा है तो फिर से फिक्स करने लगे, और उसमें फंस गए। पिछला भी आप ही ने फिक्स किया था, अभी भी आप ही फिक्स कर रहे हो — मतलब करता भी तुम ही हो, धरता भी तुम ही हो। तुम शादी करते हो — पत्नी बहुत अच्छी है, पति बहुत अच्छा है — बाद में तलाक भी तुम ही दोनों करते हो। शादी भी तुम्हीं दोनों ने किया, तलाक भी तुम्हीं दोनों कर रहे हो।
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वीडियो: हम एकांत को बर्दाश्त क्यों नहीं कर पाते हैं ? #live #pratyakshgyan #yogijikasatsang · 2025-03-07