प्रश्नोत्तर P23-0108 · भाग 23
गुरु जी, मुझे कैसे पता चलेगा कि मैं कौन हूं? क्योंकि मैं तो निरंतर बदल रहा हूं — कभी अच्छा हूं, कभी बुरा; कभी पापी हूं, तो कभी बहुत पुण्यात्मा। वास्तव में मैं कौन हूं?
वास्तव में तुम कुछ नहीं हो। कभी पापी हो तो कर्म से हो, पुण्यात्मा हो तो भी कर्म से। पापी में भी "मैं" था, पुण्यात्मा में भी था; अच्छे में भी था, बुरे में भी था — वह जो था, वह तुम हो।
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वीडियो: जीव , माया और ब्रह्म क्या है ? #livesatsangyogijika #aadhyatmik_satsang #yogijikasatsang · 2025-03-09