आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P23-0119 · भाग 23

गुरु जी, कल आप बोल रहे थे कि एक दिशा में योगी (खोजी) चलता है — तो वह दिशा कौन सी है?

खोज जहां ले जाए। दस दिशाएं हैं — खोजी उस दिशा में चलता है जहां खोज लेकर जाए; कुछ बोल नहीं सकते, हो सकता है जहां जा रहा था वहां से कहीं और चला जाए। आखिरी में खोज भी खत्म हो जाती है — वहीं पर खोजी मरता है। जब खोज खत्म होगी तो खोजी भी खत्म हो जाएगा, बस बात खत्म। अनुभव करते-करते अनुभव करता बचता है; अनुभव करने के लिए जब कुछ नहीं रहता, तो करता भी खत्म हो जाता है। पानी से बर्फ बना, बर्फ के हर कण में पानी मौजूद है; बर्फ से पानी नहीं हुआ — बर्फ मिट गया, पानी तो पहले से मौजूद था, बर्फ एक भ्रम था, वो हट गया। वैसे ही आत्मा से जीव हुआ, लेकिन जीव आत्मा नहीं होगा — जीव का नाश हो जाएगा, शेष आत्मा बचेगी। जीव नाम उसी का है जिसमें इच्छा है।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: जीव , माया और ब्रह्म क्या है ? #livesatsangyogijika #aadhyatmik_satsang #yogijikasatsang · 2025-03-09