प्रश्नोत्तर P23-0179 · भाग 23
गुरु जी, क्या हमारा अतीत और भविष्य अभी के समय में मौजूद है, या यह सब हमारे दिमाग का बनाया हुआ एक काल्पनिक विचार है? क्या समय एक भ्रांति है या एक सीधी रेखा की प्रक्रिया?
अगर भ्रांति है तो घर से निकल जाओ — घर तुम्हारा नहीं है, घर भी एक भ्रांति है। जरा निकल कर देखो, छोड़ कर देखो। मैं कह रहा हूं, भ्रांति है तो छोड़ दो सब; किसी के घर में घुस जाओ और कहो भ्रांति है, यह घर है ही नहीं — तो वह बताएगा घर है कि नहीं। कुर्सी पर बैठ जाइए और बोलिए कि तुम भी भ्रांति हो, तो वह बताएगा। यह सब बोलने की बात है; इसमें समय मत बर्बाद करिए। प्रत्यक्ष का सामना करिए और अपने आप को इस दलदल से निकालिए। सब भ्रम है, सब सपना है, जगत सपना है — यह सब रटी हुई बात है, इसका कोई सार नहीं। स्वप्न समझ में आ जाए तब ना — जाग जाओ तब ना। अगर स्वप्न है, तो फिर दुख-सुख क्यों? आग लग गई — स्वप्न है; कोई झापड़ मारा — स्वप्न है; तुम तो हो ही नहीं, तो फिर परेशानी, शिकायत क्यों? यह सब बोलने में बड़ा अच्छा लगता है कि संसार स्वप्नवत है — दो-चार दिन मत खाओ, मालूम पड़ जाएगा।
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वीडियो: साधक की दिनचर्या क्या होनी चाहिए ? / दिनचर्या साधक की #livesatsang · 2025-03-12