आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P23-0195 · भाग 23

गुरु जी, अगर सिर्फ मनुष्य शरीर से ही परोपकार होता है, तो क्या हाथी वगैरह एक-दूसरे की रक्षा करके, अपने बच्चों को संस्कार देकर, या वानर आदि शोर मचाकर हिरणों को शिकार से बचाकर परोपकार नहीं करते? क्या ममता के बिना परोपकार संभव है?

नहीं, अपने बच्चों तक, अपने परिवार तक — वह परोपकार में नहीं आता। जानवर डर के मारे चिल्लाते हैं, सब भागते हैं — डर की वजह से चिल्लाते हैं, मालूम है शेर है; अपने लिए चिल्लाते हैं, परोपकार नहीं। हाथी के बच्चे को शेर मारता है तो उसे बचाने भी जाती है — यह परोपकार थोड़ी है; दूसरे का बच्चा हो तो नहीं जाएगी। कभी-कभी दूसरे के बच्चे को भी कुछ जानवर पाल लेते हैं — बच्चा मां से बिछड़ गया, मां मर गई, कुतिया ने बिल्ली के बच्चों को पाल लिया, बंदर ने कुत्ते के बच्चे को पाल लिया — वह परोपकार में नहीं होता, ममता में होता है, आसक्ति हो जाती है। परोपकार के लिए ममता की जरूरत ही नहीं है — उसी को परोपकार कहते हैं। परोपकार वहां किया जाता है जहां जरूरतमंद होते हैं।

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वीडियो: साधक की दिनचर्या क्या होनी चाहिए ? / दिनचर्या साधक की #livesatsang · 2025-03-12