प्रश्नोत्तर P23-0053 · भाग 23
गुरु जी, किसी की बातों से और व्यवहार से दुख पहुंचता है, और वह पद में मुझसे बड़े हैं और रोज उनके साथ काम भी करना है — ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए?
आप अपने पद का काम करिए, उनसे व्यवहारिक रिश्ता ना बनाइए। जिस पद पे आपको रखा गया है उस पद का कोई काम है, उस काम को करिए। उनसे व्यवहारिक रिश्ता बनाने की कोई जरूरत नहीं है — व्यवहारिक मत बनिए।
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वीडियो: हम एकांत को बर्दाश्त क्यों नहीं कर पाते हैं ? #live #pratyakshgyan #yogijikasatsang · 2025-03-07