प्रश्नोत्तर P23-0054 · भाग 23
गुरु जी, कपड़े का धंधा है, उसमें झूठ तो बोलना ही पड़ता है। कृपया मार्गदर्शन करें।
कोई झूठ बोलने की जरूरत नहीं है। आप जिस भाव में माल ला रहे हैं उससे ज्यादा में बेचना होता है — यही व्यापार का नियम है। बस जिस माल को बता रहे हैं, माल वही निकलना चाहिए; माल में धोखाधड़ी मत करना। सीधी सी बात है — अपने खर्च, किराया-भाड़ा और अपनी मजदूरी को जोड़ते हुए उचित दाम में बेचो।
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वीडियो: हम एकांत को बर्दाश्त क्यों नहीं कर पाते हैं ? #live #pratyakshgyan #yogijikasatsang · 2025-03-07