आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P23-0062 · भाग 23

गुरु जी, विकारों को दृष्टा बनके कैसे देखें?

विकार आ रहे हैं — देखना नहीं है, विकार आने वाला काम ही मत करो ना, सीधी सी बात है। क्या देखोगे? अभी तक भी तो देख ही रहे थे — लाते-लाते देख ही तो रहे हो। जीवन में जितनी भी बेईमानी, दुष्कर्म हुआ, उसके द्वारा विकार आए, तो आप ही ने तो देखा — दूसरे तो देख भी नहीं पाए। अब निर्विकार होने के लिए काम करो: ईमानदारी-सत्कर्म अपना लो, जरूरतमंद की सेवा करो, परोपकार में अपने आप को लगा दो।

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वीडियो: हम एकांत को बर्दाश्त क्यों नहीं कर पाते हैं ? #live #pratyakshgyan #yogijikasatsang · 2025-03-07