आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P23-0061 · भाग 23

गुरु जी, जैसे हम ड्राइव कर रहे हैं, गाड़ी चला रहे हैं, यात्रा में जा रहे हैं — उस समय इंसान का दिमाग प्रेजेंट में ना होकर या तो पास्ट में जो हो चुका उसमें होता है, या फ्यूचर के सपनों में। तो इस मोमेंट में स्थिर होकर काम कैसे करें?

जब उस काम से कुछ नहीं चाहिए, तभी आप हो सकते हो, नहीं तो नहीं रह सकते। अगर कुछ चाहिए तो आपको बाहर ही जाना पड़ेगा। यह कैसे होगा? जरूरत में जियो। जरूरत में जिओगे तो जरूरत पूरा करने के लिए बाहर जाओगे, और जैसे ही जरूरत पूरी होगी, अंदर आ जाओगे — अपने आप में आ जाओगे। कुछ नहीं चाहिए तो अपने आप में रहोगे — "मिनिमम से मिनिमम" नहीं, कुछ नहीं। अगर आपको जरूरत से ज्यादा चाहिए तो आप राग-द्वेष में चले जाएंगे, फिर वापस नहीं आ पाएंगे, फिर वर्तमान में नहीं रह पाएंगे। राग-द्वेष वाला व्यक्ति हमेशा या तो भूत में रहता है या भविष्य में; वर्तमान में नहीं रह पाता।

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वीडियो: हम एकांत को बर्दाश्त क्यों नहीं कर पाते हैं ? #live #pratyakshgyan #yogijikasatsang · 2025-03-07