प्रश्नोत्तर P23-0082 · भाग 23
गुरु जी, पहले तो पीर ही बनेगा ना, फिर बंदा पैगंबर बनेगा — धीरे-धीरे?
नहीं, आपको सीधा पीर बनने की जरूरत नहीं है — सीधा पैगंबर वाली, गुरु वाली लाइन पर आओ, ईमानदारी-सत्कर्म करो। ऐसा नहीं कि आपको शैतान से पीर, पीर से पैगंबर बनना है — आप सीधा अपना सकते हो। पीर बनना है, देवता बनना है, तो सेवा — लेकिन वो जरूरतमंद की नहीं, मान-सम्मान के लिए: भंडारा करा दो, स्कूल बनवा दो, कॉलेज बनवा दो। और पैगंबर बनने के लिए ईमानदारी-सत्कर्म, और सत्कर्म में भी आपको जरूरतमंद को खोजना पड़ेगा — कि वाकई में जरूरतमंद है, सच में मैं भोजन दे रहा हूं तो वह खा रहा है कि नहीं, फेंक तो नहीं दिया गया — पूरी छानबीन करनी पड़ेगी। इसलिए बिस्किट का पैकेट भी दो तो जरा खोल के दो, ताकि कोई ना कोई खाए, नहीं तो वह बेच देगा।
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वीडियो: अभेद होते हुए भी भेद क्यों लगता है ? #livesatsang #livesatsangyogijika · 2025-03-07