प्रश्नोत्तर P23-0169 · भाग 23
गुरु जी, जब हम अपने आप में होने के लिए बैठते हैं तो बहुत चिंता आती है, थोड़ी देर बाद बोर हो जाते हैं, कभी-कभी डर भी लगता है। क्या करें?
बस उसे देखिए। आप किसी में लिप्त मत होइए — लिप्त हुए तो गए। हमें लिप्त नहीं होना है; भय को भी देखना है, सब देखते रहना है, सबको सिर्फ देखना है। मुझे इतना पता है कि यह परिवर्तनशील संसार है, बस देखते-देखते बदल जाएगा। देखते रहिए, देखते रहिए, बस देखते रहिए।
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वीडियो: साधक की दिनचर्या क्या होनी चाहिए ? / दिनचर्या साधक की #livesatsang · 2025-03-12