प्रश्नोत्तर P23-0181 · भाग 23
गुरु जी, क्या सत्कर्म करने पर ईश्वर खुद अपनी शरण में ले लेते हैं? क्या हमें ईश्वर प्राप्ति की चिंता छोड़कर सिर्फ सत्कर्म करना चाहिए?
ईमानदारी और सत्कर्म — दोनों। एक को पकड़ो, एक को छोड़ो, ऐसा नहीं; दोनों। ईमानदारी पकड़ने से आगे का बंधन नहीं बंधेगा, सत्कर्म करने से पिछले का नाश होगा — दोनों पकड़ना पड़ेगा।
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वीडियो: साधक की दिनचर्या क्या होनी चाहिए ? / दिनचर्या साधक की #livesatsang · 2025-03-12