प्रश्नोत्तर P23-0185 · भाग 23
गुरु जी, आपने कहा कि ईमानदारी आगे का कर्म-बंधन नहीं बंधने देगी और सत्कर्म पिछले किए हुए कर्म को खत्म कर देगा। लेकिन कर्म अच्छा हो या बुरा, फलित होता ही है — तो क्या सत्कर्म भी फलित होगा?
नहीं। सत्कर्म फल की तरह है — खा भी सकते हो, लगा भी सकते हो। उसमें बंधन नहीं होते।
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वीडियो: साधक की दिनचर्या क्या होनी चाहिए ? / दिनचर्या साधक की #livesatsang · 2025-03-12