प्रश्नोत्तर P23-0186 · भाग 23
गुरु जी, आपने कहा कि साधना 'तेरा' में होती है, 'मेरा' में नहीं — इसका क्या मतलब है?
मेरा में साधना नहीं होती; साधना तेरा में होती है। मेरा मतलब — अगर आपकी व्यवस्था में आप साधना करोगे, तो आपका अहम भाव ही है, साधना नहीं होगी; जैसा चाहोगे वैसा करोगे। तेरा का मतलब कोई व्यक्ति-विशेष के घर पर थोड़ी — नहीं, तब तो आप गलत जगह चले जाओगे, क्योंकि ईमानदारी का भोजन आपको दुनिया में गुरु के स्थान पर ही मिलेगा, और कहीं नहीं मिल सकता। तेरा मतलब कोई योग्य गुरु की शरण में रहकर, गुरु के सानिध्य में ही साधना हो सकती है; ऐसे-वैसे लोगों की शरण में तो और नाश कर देंगे। गुरु के साथ साधना करने के बाद फिर कहीं भी जा सकते हो — समझ कर जाओ, फिर उसके पास आओ, ऐसे आते-जाते रहो।
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वीडियो: साधक की दिनचर्या क्या होनी चाहिए ? / दिनचर्या साधक की #livesatsang · 2025-03-12